Chhattisgarh

शिव शक्ति की वाहनों के द्व्रारा चोरी के कोयले के मामले में एफ आई आर दर्ज कोयला माफिया त्रिलोचन पटनायक उर्फ बबलू के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज नोडल अधिकारी की शिकायत पर तमनार थाने में मामला हुआ दर्ज

 गारे पेलमा से शिव शक्ति की वाहनों को चोरी का कोयला  ले जाते हुए रंगे हाथो पकड़ा एसईसीएल प्रबंधन ने किया डिओ ब्लॉक….
 बिना पुलिस को सुचना दिए चार पांच दिनों से प्रबंधन ने बंधक बनाएं रखी दोनों गाडिय़ा…
 कोयला चोरी में एसईसीएल की भी भूमिका संदिग्ध
तमनार ( रायगढ़ )। कोयला खदान में खुलेआम दिन में कोयला चोरी के बाद उसे  ट्रिप टेलर के द्वारा 5 टन ओवर लोड के साथ गारे पेलमां क्षेत्र से आगे भेजा जा रहा था इस पूरी चोरी में पूरे काम को इतने बेफिक्री से अंजाम दिया जा रहा था जिससे एसईसीएल प्रबंधन की भूमिका भी शक के दायरे में है
कोयला माफि या बबलू पटनायक को अफरातफरी करने के फिराक में था
जिले में लंबे समय से कोयला अफरातफरी को अंजाम दे रहे बबलू पटनायक को अलग-अलग खदान क्षेत्र में सक्रिय अपने गिरोह के माध्यम से कोयला चोरी करवाता है जिले से अन्य जिलों में चोरी का कोयला बेचने का काम करता है एसईसीएल की गारे पेलमा खदान से कोयला विभिन्न कंपनियों को भेजा जाता है। खदान से कोयला सीधे संयंत्र तक पहुंचाना है लेकिन कोयला माफि या त्रिलोचन पटनायक उर्फ बबलू बहुत सी गाडिय़ों को संयंत्र नहीं पहुंचने ही नहीं देते है ।
इसे अन्य रास्तों के माध्यम से निजी संयंत्र में ले जाया जाता है वहां कोयला डम्प कर देते थे। इसके बाद खनिज विभाग की ओर से जारी पिटपास और बिल्टी के पेपर को दलालों के जरिए संयंत्र तक पहुंचाते थे इस पेपर के सहारे गाडिय़ों की फर्जी इंट्री दिखाई जाती थी। कागजों में कांटा कर कोयले को अनलोड दिखाया जाता है ।
फर्जी तरीके से संयंत्र में सेंपलिंग बताई जाती थी। इसके बाद गेट पर इंट्री करके गाडिय़ों को संयंत्र बाहर जाना बताया जाता था। जबकि गाडिय़ां कोयला लेकर संयंत्र तक नहीं पहुंचती थी। रास्ते में गाडिय़ों की हेराफेरी की जाती है
रायगढ़ –  शिव शक्ति स्टील्स हमीरपुर द्वारा गारे पेलमा कोयला खदान से कोयला चोरी किये जाने के मामले में तमनार थाने में नोडल अधिकारी की रिपोर्ट पर राजू शर्मा, त्रिलोचन पटनायक उर्फ बबलू, नरेश एवं आभार के खिलाफ आईपीसी की धारा 34 एवं 379 की तहत चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है ।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गारे पेलमा कोल माइंस नोडल अधिकारी द्वारा थाने में दी गई शिकायत में साफ तौर पर कहा गया है कि उड़ीसा नंबर की दो डंफरो OD 23B 5357 एवं OD 23 C 2647 के द्वारा 15 अगस्त की शाम मौके का फायदा उठाते हुए गैरकानूनी तरीके से दोनों डंफरो में 3-3 टन अतिरिक्त कोयला लोड कर लिया गया था और माइंस परिक्षेत्र से चोरी कर शिवशक्ति प्लांट ले जाया जा रहा था तभी संदेह के आधार पर औचक निरीक्षण किया गया जिसमें उक्त दोनों वाहनों में निर्धारित वजन से लगभग 3-3 टन अधिक पाया गया। गाड़ी नंबर OD 23B 5357 में नरेश तथा गाड़ी नंबर OD 23 C 2647 में आभार नामक ड्रायवर थे जो कि तत्काल वहां से फरार हो गए। माइंस प्रबंधन के अनुसार चोरी किये गये कोयले की अनुमानित कीमत करीब 14,000 रु है।
एसईसीएल रायगढ़ परिक्षेत्र के तहत गारे पेलमा तमनार कोल खदान से शिव शक्ति संयंत्र को जारी डिओ में  दो वाहन क्रमांक OD 23 C 2647  एवंOD 23B 5357 से 5000 टन चोरी का कोयला ले जाते हुए पकड़ाए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है  गारे पेलमा सब एरिया द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पांच दिन पहले 15 अगस्त को यह कार्यवाही की गई लेकिन प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक संबंधित थाना क्षेत्र को सूचित नही किया गया है एक ओर देशवासी झंडा रोहण कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को याद कर रहे थे दूसरी ओर उद्योगपति कोयला खदानो से मिलीभगत के जरिये चोरी का कोयला निकालने में मशगूल है शिव शक्ति संयंत्र को  जी-16 क्वालिटी कोयला  डिओ क्रमांक 05073206586 मात्रा 2500 जारी किया गया इसमें वर्तमान में 1462 टन की मात्रा उठवाना शेष है द्य कांटा बाबू मनोज द्वारा मिलीभगत किये जाने की जानकारी मिली है इसके अलावा उक्त उद्योग का 5000 हजार कोयला और भी है जो उठाया जाना शेष है इस कोयला को उठाने के लिये कंपनी कर्मचारी राजेश शर्मा को अधिकृत किये जाने की जानकारी दी गई है उक्त वाहने बबलू पटनायक की है प्रबंधन  द्वारा की गई नियमित जांच के दौरान ये वाहने कांटा करवाकर जैसे ही खदान से निकली इन वाहनों को दोबारा कांटा करवाया गया तो इन वाहनों में निर्धारित क्षमता 25 टन से 5 टन अधिक कोयला पाया गया द्य प्रति टन कोयला का मूल्य 4000 रुपये प्रति टन अनुमानित के हिसाब से दोनो वाहनों में कुल चालीस हजार रुपये के गड़बड़झाले की संभावना है द्य सब एरिया के अनुसार कंपनी का डिओ होल्ड कर दिया गया है….
चोरी कोयला ले जाने वाली वाहने खदान क्षेत्र में चार दिनो से क्यो खड़ी है ?
चोरी का कोयला लेकर जाती हुई इन वाहनों की सूचना तमनार थाना को  देने की बजाय वाहनों को परिसर में खड़ा किया जाना अपने आप मे कई संदेहों को जन्म दे रहा है। मिलीभगत के जरिये कोयला अफरा तफरी का यह खेल लंबा है। इस काम मे सबके हाथ काले है द्य चार दिनों का इंतजार गुनाहगारों को समय देने जैसा है ताकि समय रहते मामले का मोल भाव किया जा सके।
कब से चल रहा कोयला चोरी का यह खेल
गाडिय़ा केवल दो पकड़ाई है और न जाने यह खेल कितने लंबे समय से चल रहा है द्य इस खेल के तार कहाँ से जुड़े है द्य इसकी जांच भी समय रहते की जानीं चाहिए।
प्रबंधन पर दर्ज हो 420 का मामला
जो वाहने ओवरलोड करती हुई पकड़ाई है उसका कोयला शिव शक्ति उद्योग का  है द्य इस कोयला को उठाने कंपनी के कर्मचारी को अधिकृत किया गया है द्य खदान से चोरी किया गए  कोयले पर कार्यवाही के नाम पर कही छोटे कर्मचारी को बलि का बकरा न बनाया जाए द्य चूँकि चोरी का कोयला उद्योग में ही खपता है इसलिए प्रबंधन पर मामला दर्ज हो और भविष्य में इस उद्योग को कोयला नही दिया जाए द्य  ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने समय रहते उद्योग प्रबंधन पर कठोर कार्यवाही जरूरी है ।
थाने की भूमिका निभा रहा गारे पेलमा सब एरिया ऑफिस
घटना के चार दिन बाद भी वाहनों को एसईसीएल परिसर में रोके रखना अपने आप मे कई संदेहों को जन्म दे रहा है द्य गारे पेलमा सब एरिया ऑफिस थाने की भूमिका का निर्वहन करना चाहता है द्य यह एक बड़ा सवाल है एफआई आर दर्ज करने में इतना विलम्ब क्यों हुआ?
फिलहाल माइंस नोडल अधिकारी की शिकायत पर तमनार थाना प्रभारी ने चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध करते हुए आगे की विवेचना शुरू कर दी है।
                                                                                                                            डॉ सत्येंद्र सिंह
                                                                                                     विधिक सलाहकार एवं समाचार संपादक

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