Chhattisgarh

सरकार ने स्कूलों को बांटे थे टैबलेट्स, प्रिंसिपल की गलती से दिखने लगीं पॉर्न क्लिप्स

रायपुर
कॉपी-किताब को लैपटॉप-टैबलेट से रिप्लेस कर शिक्षा को तकनीक से जोड़ने के प्रयास पूरे देश में किए जा रहे हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में एक अजीब तस्वीर सामने आई है। यहां स्कूल अटेंडेंस के लिए लगाए गए टैब्स को शिक्षक और खासकर महिला शिक्षक अब टच नहीं करना चाहते क्योंकि ऐसा करने पर इनमें पॉर्न फोटोज और क्लिप्स दिखने लगती हैं।
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ये टैबलेट्स स्कूल को पिछले साल सितंबर में सरकार की ओर से दिए गए था। कहा जा रहा है कि इनमें किसी तरह का वायरस इंफेक्शन हो गया है जो शायद प्रिंसिपल के किसी स्पैम या पॉर्न साइट को क्लिक करने से हुआ होगा। अब जैसे ही इन टैब्स को ऑन किया जाता है, स्क्रीन पर आपत्तिजनकर तस्वीर नजर आने लगती है। दरअसल, अटेंडेंस दर्ज करवाने के लिए टीचर्स को अपना अंगूठा इसपर लगाना होता है और इसमें लगा स्कैनर थंब प्रिंट ले लेता है। एक शिक्षक ने बताया, ‘अंगूठा रखना तो दूर, महिला शिक्षक तो इसकी ओर देखना तक नहीं चाहतीं।’

राज्य शिक्षक संगठन के एक सदस्य ने कहा, ‘यह यह बहुत शर्मनाक है, वह भी ऐसी जगह पर जहां बच्चे इन डिवाइसेज के संपर्क में आ सकते हैं। शायद, सरकार को बायोमेट्रिक अटेंडेंस के लिए टैब्स के प्रयोग पर फिर से विचार करना चाहिए।’ जिला शिक्षा अधिकारी ने यह समस्या दूर होने तक टैबलेट्स का प्रयोग न करने के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी (सीएचआईपीएस) के एक्सपर्ट्स वायरस से निपटने का तरीका खोज रहे हैं।

मानव संसाधन व विकास मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के स्कूलों में शिक्षण और प्रशासनिक सहायता के रूप में टैबलेट्स बांटे थे। शालाकोश नाम की इस परियोजना को पिछले साल सितंबर में लॉन्च किया गया था और सीएचआईपीएस के एक अधिकारी के मुताबिक 51,000 टैबलेट स्कूलों में वितरित किए गए हैं। अब परियोजना में बांटे गए टैब्स को ब्लॉक करने की योजना बनाई जा रही है जिससे इनमें केवल आवश्यक ऐप ही इंस्टॉल किए जा सकें।

शालाकोश के प्रॉजेक्ट हेड नीलेश सोनी ने बताया, ‘270 से अधिक मामले पहले ही हल हो चुके हैं। आईटी एक्सपर्ट्स इन शिकायतों को हल करने के लिए स्कूलों में जा रहे हैं। सभी टैबलेट एक या दो दिन में बिना किसी परेशानी के इस्तेमाल के लिए तैयार होंगे।’ उन्होंने कहा, ‘यह स्पष्ट है कि किसी ने स्पैम पर क्लिक किया जिसमें अश्लील चित्र थे। अक्सर, गलती से ऑपरेटिंग सिस्टम या हार्ड डिस्क में ऐसा कुछ इंस्टॉल हो जाता है।’ उन्होंने कहा कि स्कूल के प्रिंसिपल को टैब की जिम्मेदारी दी जाती है।

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