Chhattisgarh

विकास यात्रा नहीं बल्कि यह तीर्थयात्राः मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह

जगदलपुर, /विकास यात्रा के दूसरे दिन बस्तर विकासखण्ड मुख्यालय में आयोजित स्वागत सभा में उमड़ी अपार जनसमूह को कड़ी धूप में पहुंचने के लिए मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह विकास यात्रा नहीं बल्कि तीर्थयात्रा है, जिसमें जनता का आशीर्वाद मिलता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर नाम के इस गांव से पूरे संभाग की पहचान है। और प्रदेश के दक्षिण का यह अंचल पूरे विश्व में इसी नाम से जाना जाता है। बस्तर को अच्छी सड़क, रेलमार्ग, हवाई सुविधा, इन्टरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसके कारण जगदलपुर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक, आर्थिक, शैक्षणिक, चिकित्सा, पर्यटन हब, रोजगार सुविधाओं के विकास का गढ़ बन रहा है।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की महिलाएं बस्तर के विकास में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने बस्तर में महिला स्वसहायता समूह द्वारा काजू खरीदी किए जाने की प्रशंसा करत हुए कहा कि इस जिले में 2000 मे.टन काजू गुठली का उत्पादन होता है। पिछले वर्षों में बिचैलियों के द्वारा अनाप शनाप दर पर खरीदी की जाती थी। अब 324 महिला स्वसहायता समूहों का गठन कर फेडरेशन बनाया गया है, जो काजू गुठली का दर तय करती है। इस वर्ष काजू गुठली का दर- ए ग्रेड 135 रूपए प्रति किलो, बी ग्रेड 125 रूपए प्रति किलो एवं सी ग्रेड 115 रूपए प्रति किलो तय किया गया है। इससे कम दर पर कोई महिला स्वसहायता समूह या अन्य व्यक्ति काजू खरीदी नहीं कर रहा है। पहले किसान 90 से 100 रूपए प्रति किलो की दर पर काजू बेचा करते थे। इस प्रकार करोड़ों रूपए का फायदा किसानों को हो रहा है। इस प्रकार 324 महिला स्वसहायता समूहों की लगभग 4000 महिलाओं को लगभग 5 करोड़ रूपए का लाभ होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जनता को मात्र एक रुपए प्रतिकिलो दर पर चावल, पांच रुपए प्रतिकिलो दर पर चना और मुफ्त नमक प्रदाय किया जा रहा है, जिससे गरीब व्यक्ति की भूख की चिंता खत्म हुई है। उन्होंने कहा कि किसी गरीब आदिवासी की मौत इलाज के अभाव में न हो, इसलिए शासन ने स्मार्ट कार्ड योजना के तहत 50 हजार रुपए तक के इलाज की व्यवस्था की। अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पांच लाख रुपए तक के उपचार के लिए आयुष्मान भारत योजना प्रारंभ की है, जिससे किडनी, घुटना बदलना, हृदय रोग, दुर्घटना, डायलिसिस सहित गंभीर बीमारियों का उपचार किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन ने किसानों को धान बोनस देने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। इसके तहत प्रदेश के किसानों को 300 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 1700 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शनिवार को बस्तर जिले के 18606 किसानों को 27 करोड़ 2 लाख रुपए का धान बोनस हाता ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम में रिमोट का बटन दबाकर भुगतान कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही श्रमिकों को सायकल, टूल किट दिए जा रहे हैं, जिससे उनका काम आसान हो। उन्होंने बताया कि युवाओं को रोजगार के लिए ई-रिक्शा भी दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी दिनों में 50 लाख स्मार्टफोन वितरित किए जाएंगे, जिससे जनता शासन की योजनाओं से भी सीधे जुड़ जाएगी। इसके लिए स्मार्ट फोन में एप्प उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें विभिन्न योजनाओं की जानकारी के साथ ही आॅनलाईन फार्म भी उपलब्ध होगा।
इस अवसर पर प्रदेश के राजस्व मंत्री एवं बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि बस्तर का चैतरफा विकास हो रहा है। यहां मेडिकल काॅलेज की स्थापना के साथ ही विश्वविद्यालय की  भी स्थापना की गई। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदा से होने वाली मृत्यु पर छत्तीसगढ़ शासन ने राहत की राशि डेढ़ लाख से बढ़ाकर चार लाख रुपए किया है।
सांसद श्री दिनेश कश्यप ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ शासन ने किसानों को ब्याजमुक्त कर्ज उपलब्ध कराकर किसानों की बहुत बड़ी चिंता दूर की है तथा इससे पूर्व किसान साहूकारों के चक्कर में पड़ जाते थे और अपनी घर, जमीन तक बेच दिया करते थे। उन्होंने कहा कि मात्र दस से बीस हजार रुपए में आज गांव गांव में सोलर पम्पों के माध्यम से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे किसानों में समृद्धि आ रही है। उन्होंने कहा कि आज गांव-गांव में सड़कों का जाल बिछ गया है और पुल-पुलियों के निर्माण से आवागमन सरल हो गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर बनाने के लिए 1 लाख 57 हजार रुपए शासन दे रही है। इसके साथ ही उज्जवला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन भी दे रही है। उन्होंने कहा कि आज घर-घर में विद्युतीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है और शीघ्र ही शत-प्रतिशत घरों में बिजली पहुंचा दी जाएगी।
इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री केदार कश्यप, पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास मद्दी, युवा आयोग के अध्यक्ष श्री कमलचंद भंजदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जबिता मंडावी, पूर्व विधायक डाॅ. सुभाउ कश्यप, श्री बैदूराम कश्यप, श्री लच्छूराम कश्यप, कलेक्टर श्री धनंजय देवांगन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभात मलिक सहित जनप्रतिननिधिगण, अधिकारी-कर्मचारीगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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