Chhattisgarh

गढ़चिरौली में दो दिन में मारे गए 37 नक्सली, इंद्रावती नदी से मिले 15 और शव; बढ़ सकती है संख्या

गढ़चिरौली/दोरनापाल.पूर्वी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में मंगलवार सुबह इंद्रावती नदी में 15 और नक्सलियों के शव बहते मिले हैं। इसके साथ ही पिछले दो दिन में पुलिस के साथ मुठभेड़ में नक्सलियों के मारे जाने की संख्या 37 हो गई है। सोमवार को सुरक्षाबलों ने अहेरी तहसील के जिमलगट्टा-रामाराम खांदला जंगल में हुई मुठभेड़ में 6 नक्सलियों को मार गिराया था। इन सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं। इससे पहले जिला पुलिस ने गढ़चिरौली से नक्सली आंदोलन को खत्म करने के लिए रविवार को मुठभेड़ में 16 नक्सली मार गिराए थे। इधर, छत्तीसगढ़ के दोरनापाल में मंगलवार को सीआरपीएफ की 217वीं बटालियन और डीजी टीम ने 10 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें उनका सरगना भी शामिल है।

1 करोड़ 6 लाख रुपए के इनामी थे

22 अप्रैल 2018 ताड़गांव-कसनासुर के जंगल में जवानों के साथ नक्सली मुठभेड़ हुई। उस दौरान 16 नक्सलियों के शव मिले। बारिश और रात होने से सर्च अभियान रोक दिया गया। दो दिन बाद खोजबीन फिर शुरू हुई तो इंद्रावती में 15 नक्सलियों के शव मिले। इनमें 7 पुरुष और 8 महिला नक्सली हैं।

23 अप्रैल को जिमलगट्टा के नैनेर जंगल में हुई थी मुठभेड़

23 अप्रैल 2018 जिमलगट्‌टा के नैनेर जंगल में मुठभेड़ हुई। 6 नक्सली मारे गए, 4 महिला व 2 पुरुष। 5 की शिनाख्त हो चुकी है। इनपर कुल 30 लाख रुपए का इनाम था। इनका प्रमुख अहेरी दलम का नंदू उर्फ विक्रम उर्फ वासुदेव बताया गया। पश्चिम बस्तर की क्रांति, अहेरी दलम की उप-कमांडर लता उर्फ माधुरी, पेरमिली दलम सदस्य कार्तिक उइके, जयशिला गावड़े मारे गए।

– इस तरह कुल 37 नक्सली पुलिस ने मार गिराए। 37 में से 19 महिलाएं व 18 पुरुष थे, 16 की पहचान हो गई है। 21 की पतासाजी जारी है। सभी मिलाकर कुल 1 करोड़ 6 लाख रुपए के इनामी थे।

सी-60 फोर्स ने किया एनकाउंटर
मुठभेड़ में सी-60 फोर्स ने नक्सलियों को मार गिराया। सी-60 यानी क्रैक 60, जिसका गठन एटीएस चीफ केपी रघुवंशी ने 27 साल पहले किया था। रघुवंशी के मुताबिक, नक्सली आज किसी से सबसे ज्यादा डरते हैं तो इसी फोर्स से। मुठभेड़ वाली जगह से पुलिस को 12-बोर के जिंदा कारतूस मिले हैं।

सर्च ऑपरेशन जारी है
गढ़चिरौली के एसपी अभिनव देशमुख ने बताया कि सर्च ऑपरेशन के लिए टीम गठित कर भेजी गई है। कुछ नक्सली नदी में कूद गए थे, इसलिए उन्हें तभी ट्रेस किया जा सकता था, जब उनके शव पानी के ऊपर आते।

16-16 लाख के दो इनामी डिविजनल कमांडर को मार गिराया था

– रविवार सुबह भामरागढ़ तहसील में महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से लगे कसनापुर-बोरिया जंगल क्षेत्र में इंद्रावती नदी तट पर विशेष अभियान दल (सी-60) के कमांडो और सीआरपीएफ की 9वीं बटालियन के जवानों ने मिलकर मुठभेड़ में 16 नक्सलियों को मार गिराया था।

– इनमें दो डिविजनल कमांडर- साईनाथ और श्रीनू भी शामिल थे। दोनों पर राज्य सरकार ने 16-16 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। साईनाथ के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में 75 तो वहीं श्रीनू के खिलाफ 82 मामले दर्ज किए गए थे।

– सोमवार को 16 में से 11 नक्सलियों के शवों की शिनाख्त हो पाई। अन्य नक्सलियों के शवों की शिनाख्त का काम भी जारी है।

समर्पण के अलावा नक्सलियों के पास कोई चारा नहीं: डीजीपी

– महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सतीश माथुर ने मुंबई में पत्रकारों से सोमवार शाम को बातचीत के दौरान कहा था कि नक्सलियों के पास अब आत्मसमर्पण के अलावा कोई चारा नहीं है। नक्सलियों में फूट के चलते हमें पुख्ता सूचनाएं मिल रही हैं। इसलिए भामरागढ़ जैसी कार्रवाई को अंजाम दिया जा सका।

– माथुर ने कहा था कि नक्सलियों के बारे में सूचना देने वाले को इनाम के तौर पर मोटी रकम दी जाती है, इसलिए भी हमारे पास सटीक सूचनाएं आ रही हैं। उन्होंने बताया कि 126 पुलिसवालों को नक्सल विरोधी अभियान में काम करने के लिए पदोन्नति दी गई है।

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