Chhattisgarh

BJP की राज्यसभा उम्मीदवार सरोज पांडेय सीढ़ियों से गिरीं, पैर और हाथ में आई चोटें

बीजेपी की ओर से प्रदेश में राज्यसभा के लिए घोषित उम्मीदवार सरोज पांडेय रविवार की रात में घर की सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गईं। उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि सरोज के हाथ-पैर में फैक्चर आया है। इसके बाद उनके हाथ- पैर में प्लास्टर चढ़ाया गया है। इसी हालत में वे नामांकन दाखिल करने रायपुर पहुंच गई हैं। दोपहर करीब 12 बजे प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के साथ वे विधानसभा पहुंचेगीं जहां वे राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करेंगी। । बीजेपी ने छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडे का नाम रविवार को फाइनल किया गया। राष्ट्रीय महामंत्रियों को राज्यसभा भेजे जाने के फार्मूले के तहत उनका नाम तय किया गया है।

– रविवार को राज्यसभा के लिए नाम तय होने के बाद सरोज अपने घप पर लोगों से मिल रही थीं। इसी बीच भिलाई में रिसाली स्थित अपने घर में सीढ़ियों पर फिसल गईं और उन्हें काफी चोटें आ गईं। अस्पताल में उपचार के बाद उनके हाथ और एक पैर में प्लाटर लगाया गया है।

– वे अपना नामांकन दाखिल करने रायपुर पहुंच गई हैं। जल्द ही वे नामांकन दाखिल करेंगी।

सप्ताह भर बाद सस्पेंस खत्म हुआ

– सरोज का चयन प्रदेश बीजेपी की राजनीति में अपने आप में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है क्योंकि 2014 के लोकसभा चुनाव में जब मोदी लहर थी तब वे दुर्ग लोकसभा चुनाव हार गई थीं।

– उनकी इस हार के कारण ही छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को एकमात्र सीट पर जीत मिल पाई थी। ऐसा माना जा रहा था कि पार्टी के अंदरुनी विरोध ने उनकी हार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कौशिक को उनकी जल्दबाजी भारी पड़ी

– बीजेपी ने यहां से 25 नेताओं के नामों की सूची भेजी थी। इनमें धरमलाल कौशिक और सरोज पांडे के नाम प्रमुखता से ऊपर रखे गए थे। प्रदेश अध्यक्ष होने के साथ साथ धरमलाल ओबीसी वर्ग से आते हैं इस कारण उनके नाम पर लगभग सहमति जैसी थी।

– संभवत: इसी वजह से कौशिक ने 8 मार्च को विधानसभा से नामांकन फार्म खरीदवा लिया। उस समय तक पार्टी ने कोई नाम फाइनल नहीं किया था, लेकिन कौशिक के इस कदम से पार्टी नेतृत्व नाराज हाे गया।

– बाकायदा इस पर जवाब-तलब किया गया। रविवार की शाम जब सरोज पांडे का नाम फाइनल हुआ तब यह बात प्रमुखता से चर्चा में आ गई कि कौशिक को उनकी जल्दबाजी भारी पड़ी। सरोज नामांकन के अंतिम दिन सोमवार को अपना पर्चा दाखिल करेंगी। सदन में दलीय स्थिति को देखते हुए सरोज का चुना जाना अब औपचारिकता मात्र है।

कांग्रेस चुनाव लड़ने की तैयारी में

– संख्याबल में पीछे होने के बावजूद कांग्रेस ने चुनाव लड़ने का संकेत दिया था। सोमवार को कांग्रेस की ओर से लेखराम साहू का नाम सामने आया है। उम्मीद है कि वे दोपहर 12 बजे के करीब नामांकन दाखिल करेंगे।

एक हार ने बाजी पलटी और लगातार बढ़ता गया सरोज का कद

– सरोज पांडे पहले दुर्ग की महापौर और वैशाली नगर से विधायक भी रह चुकीं है। 2008 में दुर्ग से लोकसभा सांसद चुनी गई थीं। वह महिला मोर्चा की प्रदेश और राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुकीं हैं। उसके बाद साल 2014 में वह दुर्ग से लोकसभा चुनाव हार गईं। इस हार के बाद से ही प्रदेश बीजेपी की राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति में सरोज का नाम बहुत ऊपर चला गया।

– दुर्ग हार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रीय महासचिव बनाकर महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य का प्रभारी बना दिया। पार्टी का यही वह फैसला था जिसने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। वैसे सरोज 4 साल बाद संसद में प्रवेश करेंगी।

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