Chhattisgarh

कोरोना के चिन्हांकन के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कर रही हाटस्पाट में हर घर का निरीक्षण, कंटेटमेंट जोन में कैंप लगाकर की जा रही टेस्टिंग

-कोरोना चिन्हांकन के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा महती अभियान, हर दिन साढ़े तीन  हजार से अधिक सैंपल लिये जा रहे
-मार्च महीने में 61 हजार से अधिक सैंपल लिये गए
-अप्रैल के पहले दो दिनों में साढ़े सात हजार सैंपल एकत्रित

दुर्ग / कोरोना का चिन्हांकन जल्द से जल्द होने से ही इसकी गंभीरता से बचा सकता है। लोग कोविड के लक्षण सामने आने पर आगे आकर चेक कराएं, इसके लिए प्रशासन ने लोगों से लगातार अपील की है। इसके नतीजे मिल रहे हैं। लोग सैंपल देने आगे आ रहे हैं। जिले में हर दिन साढ़े तीन हजार से अधिक सैंपल एकत्रित किये जा रहे हैं। अप्रैल के पहले दो दिनों में साढ़े सात हजार सैंपल एकत्रित किये गए हैं। कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने हाटस्पाट एरिया में विशेष रूप से सघन जाँच अभियान चलाने के निर्देश दिये हैं। कोरोना के फैलने की आशंका को देखते हुए हाटस्पाट वाले क्षेत्रों में सभी स्ट्रीट वेंडर का कोरोना टेस्ट अनिवार्य किया गया ताकि पाजिटिव आने पर इन्हें आईसोलेट किया जा सके। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों के माध्यम से हर दिन हाटस्पाट क्षेत्रों में सघन जाँच अभियान चलाया जा रहा है। कोरोना का प्रसार ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखते हुए यहाँ भी हाटस्पाट वाले क्षेत्रों को लाकडाउन किया जा रहा है तथा प्राइमरी कांटैक्ट वाले एवं लक्षणों वाले सभी मरीजों की जाँच की जा रही है। सैंपल इकट्ठा करने में कोशिश की जा रही है कि ज्यादा से ज्यादा प्राइमरी कांटैक्ट की सैंपलिंग कराई जा सके। इसके लिए मरीजों की केस हिस्ट्री के मुताबिक प्राइमरी कांटैक्ट खंगाले जाकर टेस्टिंग कराई जा रही है। चूंकि यह देखा जा रहा है कि पाजिटिव मरीजों के परिवार वाले भी तेजी से कोविड से संक्रमित हो रहे हैं अतएव परिवारजनों की भी सैंपलिंग कराई जा रही है। कलेक्टर ने सभी नगर निगम आयुक्त एवं एसडीएम को निर्देशित किया है कि टेस्टिंग सेंटर की व्यवस्थाओं पर नजर रखें। यहाँ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चत हो और एक ही दिन में ज्यादा से ज्यादा लोगों की टेस्टिंग सुनिश्चित हो सके। टेस्टिंग के पश्चात पाजिटिव आने पर कांटैक्ट ट्रेसिंग की कार्रवाई की जाती है। कांटेक्ट ट्रैसिंग होने के पश्चात मरीज की स्थिति के मुताबिक चिकित्सकीय सलाह अनुरूप होम आईसोलेशन अथवा हास्पिटलाइजेशन पर निर्णय लिया जाता है। ट्रेस होते ही होम आईसोलेशन की अनुशंसा होने पर मरीज को दवा की किट उपलब्ध कराई जाती है। घर में आइसोलेशन का पोस्टर चिपकाया जा रहा है और कंट्रोल रूम से पूरे समय इन मरीजों की तबियत की मानिटरिंग की जा रही है।
कलेक्टर ने की अपील, लक्षण नजर आने पर तुरंत कराएं जाँच- कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने नागरिकों से अपील की है कि कोरोना के लक्षण दिखने पर जितनी जल्दी टेस्टिंग कराएंगे, इससे लड़ना उतनी ही आसान हो जाएगा। टेस्टिंग कराने में किये जाने वाले विलंब से दिक्कत पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को टेस्टिंग के पश्चात होम आइसोलेशन की सलाह दी गई है। वे अपने घरों में पूरी तरह से आईसोलेट हों क्योंकि यह देखा गया है कि परिवार के अन्य लोग भी तेजी से कोविड का शिकार हो रहे हैं। इसके लिए दूरी बनाना बेहद आवश्यक है।

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