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एपल के सीईओ टिम कुक ने कहा- दो-तीन हफ्ते में एक कंपनी खरीदते हैं, बीते 6 महीने में 25 सौदे किए

टैलेंट, इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी पाने के लिए छोटी कंपनियों का अधिग्रहण करती है एपल
आगे चलकर बड़ी कंपनियों को खरीदने की डील भी कर सकती है
कैलिफोर्निया. दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक अमेरिका की एपल हर दो-तीन सप्ताह में एक कंपनी खरीदती है। यह दावा एपल के सीईओ टिम कुक ने किया है। कुक ने कहा, ‘हम औसतन हर दो-तीन सप्ताह में एक नई कपंनी खरीदते हैं। ये कंपनियां छोटी होती हैं और हम ऐसी डील की घोषणा नहीं करते हैं। हमारा मकसद एपल में बेहतर टैलेंट लाना और इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी को बढ़ाना है।’ कुक ने बर्कशायर हैथवे कंपनी की सालाना शेयरहोल्डर मीटिंग के दौरान यह बात कही।
एपल के पास 15 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा कैश
कंपनियों का इस रफ्तार से अधिग्रहण करना एपल की खरीदने की क्षमता को भी दर्शाता है। पिछली तिमाही के नतीजे में एपल ने बताया था कि उसके पास 15 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा कैश है। कैश के मामले में यह दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। एपल ने घोषणा की है कि वह अगले पांच सालों में अमेरिका में विस्तार और अन्य योजनाओं पर करीब 24 लाख करोड़ रुपए लगाएगी। नॉर्थ ऑस्टिन में करीब सात हजार करोड़ रुपए की लागत से नया कॉरपोरेट कैंपस भी इसी योजना के तहत बनवाया जा रहा है। इस कैंपस में पांच हजार लोग काम करेंगे।
कुक ने कहा, ‘हम अपने कैश के इस्तेमाल पर लगातार चर्चा करते हैं। हम उन सभी चीजों को खरीदने की कोशिश करते हैं जिनका एपल को आगे ले जाने में उपयोग हो सकता है। इसलिए हम हर दो-तीन सप्ताह में एक कंपनी का अधिग्रहण कर लेते हैं। उन कंपनियों के पास या तो ऐसे टैलेंट होते हैं जो एपल के लिए फायदेमंद होंगे या फिर ऐसी इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी होती है, जिनका हम आगे इस्तेमाल कर सकते हैं।’ एपल ने इसी रणनीति के तहत 2018 में डिजिटल मैग्जीन सब्सक्रिप्शन सर्विस टेक्स्चर का अधिग्रहण किया था। बाद में इसका इस्तेमाल एपल न्यूज प्लस सर्विस में किया गया।
एपल आमतौर पर बड़ी अधिग्रहण डील नहीं करती है। हाल-फिलहाल इसकी सबसे बड़ी अधिग्रहण डील 20 हजार करोड़ रुपए की रही है। कंपनी ने 2014 में इस राशि में बीट्स को खरीदा था। एपल ने बीट्स को अपनी म्यूजिक स्ट्रीमिंग सर्विस में बदल दिया। लेकिन, आने वाले समय में वह कुछ बड़ी डील भी कर सकती है। 2016 में कंपनी ने टाइम वार्नर को खरीदने की कोशिश की। हालांकि, उसे इसमें कामयाबी नहीं मिली। अमेरिकी बिजनेस जगत के विशेषज्ञों के मुताबिक एपल कुछ सालों में टेस्ला और नेटफ्लिक्स जैसी कंपनियों को भी खरीदने की कोशिश कर सकती है।

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