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जेट के 26 साल पुराने पायलट का आरोप- मैनेजमेंट ने 20 हजार कर्मचारियों को अंधेरे में रखा

आरोप लगाने वाले सुधीर गौर जेट एयरवेज की शुरुआत से एयरलाइन के साथ जुड़े हुए हैं
सीईओ विनय दुबे को पत्र लिखकर पूछा- एयरलाइन को बंद करने की नौबत क्यों आई
जेट एयरवेज ने 17 अप्रैल रात से अस्थाई रूप से संचालन बंद किया
मुंबई. जेट एयरवेज के 26 साल पुराने पायलट सुधीर गौर ने एयरलाइन के मैनेजमेंट पर आरोप लगाया है कि उसने 20 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को अंधेरे में रखा। स्टाफ को समय-समय पर उन घटनाओं के बारे में नहीं बताया गया जिनकी वजह से एयरलाइन का संचालन अस्थाई रूप से बंद करना पड़ा।
पायलट ने मैनेजमेंट में हुए बदलावों पर सीईओ से जवाब मांगा
गौर का कहना है कि हमें इसका जवाब चाहिए कि 26 साल पहले जिस एयरलाइन को हमने शुरू किया उसे बंद करने की नौबत कैसे आई। हमें तथ्यों और पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिलने का इंतजार है ताकि जान सकें कि किसने क्या साजिश की जिससे एयरलाइन विफल हो गई। गौर ने जेट एयरवेज के सीईओ विनय दुबे को पत्र लिखकर अगस्त 2018 से मैनेंजमेंट में हुए बदलावों पर जवाब मांगा है।
जेट का भविष्य अब बैंकों द्वारा जारी बोली प्रक्रिया पर निर्भर
17 अप्रैल रात से उड़ानों का संचालन बंद कर चुकी जेट एयरवेज का भविष्य अब हिस्सेदारी बेचने के लिए जारी बोली प्रक्रिया पर टिका हुआ है। एसबीआई के नेतृत्व में जेट के कर्जदाता बैंकों के कंसोर्शियम द्वारा जारी प्रक्रिया 10 मई तक पूरी होगी। बैंकों ने कहा है कि जिन कंपनियों ने शुरुआती बोली लगाई थी, उन्हें अंतिम बोली लगाने के लिए 16 अप्रैल को बिड डॉक्यूमेंट दे दिए गए हैं। एसबीआई के नेतृत्व में 26 बैंकों ने जेट को 8,500 करोड़ का कर्ज दे रखा है।

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