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वेदांता की जल्द सुनवाई की अर्जी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की, कहा- हाईकोर्ट को कंट्रोल करने के लिए नहीं हैं हम

मद्रास हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी वेदांता
मई 2018 में हिंसा बाद से बंद है तमिलनाडु के तूतीकोरीन का कॉपर प्लांट

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने वेदांता के तूतीकोरीन स्थित कॉपर प्लांट को मेंटेनेंस के लिए खोलने के मामले में जल्द सुनवाई की अर्जी शुक्रवार को खारिज कर दी। अदालत ने वेदांता की याचिका को गंभीर नहीं मानते हुए कहा कि वो हाईकोर्ट को कंट्रोल करने के लिए नहीं बैठे हैं। इस मामले में वेदांता को मद्रास हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिल पाई। उसने सुनवाई 23 अप्रैल तक टाल दी। इसलिए वेदांता सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई थी। उसने दलील दी कि हाईकोर्ट सुनवाई में देरी कर रहा है इससे कंपनी को नुकसान हो रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में एनजीटी का आदेश खारिज किया था

पिछले साल प्लांट में हुए हादसे के बाद तमिलनाडु सरकार उसे बंद करवा दिया था। लेकिन, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने 15 दिसंबर को प्लांट शुरू करने की इजाजत दे दी। तमिलनाडु सरकार ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 18 फरवरी को एजीटी का आदेश खारिज कर दिया। उसने कहा कि वेदांता ग्रुप चाहे तो मद्रास हाईकोर्ट में तुरंत सुनवाई की अपील कर सकता है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से कहा कि पुलिस फायरिंग में 13 लोगों के मारे जाने की बिना पक्षपात जांच होनी चाहिए। स्टरलाइट प्लांट के बाहर पिछले साल हिंसक प्रदर्शन हुआ था। 22 मई 2018 को पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी थी। जिसकी वजह से 13 लोगों की मौत हुई और कई घायल हो गए थे। हिंसक प्रदर्शन के बाद तमिलनाडु सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को स्टरलाइट का प्लांट स्थायी रूप से बंद करने के आदेश दिए थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्टरलाइट के प्लांट की वजह से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की शिकायत की वजह से 2013 में भी स्टरलाइट का प्लांट बंद कर दिया गया था। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर फिर से शुरू हो गया था। उस वक्त सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को यह निर्देश भी दिए थे कि वो इलाके में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए 100 करोड़ रुपए खर्च करे।

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