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जोमैटो का रेवेन्यू एक साल में बढ़कर 3 गुना हुआ फिर भी 2035 करोड़ रु. का घाटा

नई दिल्ली. फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो को बीते वित्त वर्ष (2018-19) में 29.4 करोड़ डॉलर (2,035 करोड़ रुपए) का नुकसान हुआ। कंपनी ने शुक्रवार को सालाना रिपोर्ट जारी की। उसका कहना है कि भारत में ज्यादा नुकसान की वजह उसका घाटा बढ़ गया। हालांकि, रेवेन्यू तीन गुना होकर 20.6 करोड़ डॉलर पहुंच गया। 2017-18 में 6.8 करोड़ डॉलर का रेवेन्यू हासिल किया था।
एक साल में खर्च बढ़कर 6 गुना हुआ

जोमैटो के मुताबिक वित्त वर्ष 2018-19 में उसका खर्च बढ़कर 50 करोड़ डॉलर पहुंच गया। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 8 करोड़ डॉलर था। कंपनी का कहना है कि वित्त वर्ष 2018-19 में मार्केटिंग पर किए गए खर्च का असर इस साल दिखेगा। मार्केट बढ़ाने के लिए कंपनी निवेश जारी रखेगी। जोमैटो ने बताया कि वह बिजनेस सेगमेंट को फिर से एलाइन कर रही है। तीन साल पहले कंपनी का 100% रेवेन्यू एडवरटाइजिंग पर आधारित था। लेकिन अब 85% रेवेन्यू ट्रांजेक्शन से आ रहा है। वित्त वर्ष 2018-19 में डिलिवरी से जोमैटो का रेवेन्यू बढ़कर 15.5 करोड़ डॉलर हो गया। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 3.8 करोड़ डॉलर ही था। कंपनी का कहना है कि अब उसे प्रति डिलिवरी 25 रुपए का नुकसान हो रहा है। वित्त वर्ष 2017-18 में यह 44 रुपए था। जोमैटो फिलहाल देश के 200 शहरों में सर्विस दे रही है। यह पिछले साल के मुकाबले 15 ज्यादा है।

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