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कोयला क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा सुधार

सरकार ने कोयला खनन के क्षेत्र में एक और अहम कदम उठाया है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने कोयला खदान आवंटन प्रक्रिया को और पारदर्शी करने का फैसला लिया है। इसके तहत निजी कम्‍पनियों को व्‍यावसायिक इस्‍तेमाल के लिए कोयला खनन की अनुमति दे दी गई है।

सरकार के मुताबिक इस फैसले के जरिए ना सिर्फ राष्ट्रीय और अंतरर्राष्ट्रीय निजी कंपनियों को कमर्शियल इस्तेमाल के लिए कोयला खनन की अनुमति मिल सकेगी बल्कि इसके जरिए कोयला उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर भी बनाया जा सकेगा। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और सेक्टर में बेहतर टेक्नोलॉजी को लाने में मदद मिलेगी। इन्वेस्टमेंट बढ़ने से कोयला खनन क्षेत्रों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार में इजाफा भी होगा। कैबिनेट ने राष्ट्रीय शहरी आवास कोष के गठन को भी मंजूरी दे दी है। इसके अलावा बिना किसी कायदे कानून के चलने वाली जमा योजनाओं पर नकेल कसने के मकसद से केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध लगाने संबंधी विधेयक, 2018 को भी मंजूरी दे दी है।

सरकार के मुताबिक इस फैसले के जरिए ना सिर्फ राष्ट्रीय और अंतरर्राष्ट्रीय निजी कंपनियों को कमर्शियल इस्तेमाल के लिए कोयला खनन की अनुमति मिल सकेगी बल्कि इसके जरिए कोयला उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर भी बनाया जा सकेगा। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और सेक्टर में बेहतर टेक्नोलॉजी को लाने में मदद मिलेगी। इन्वेस्टमेंट बढ़ने से कोयला खनन क्षेत्रों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार में इजाफा भी होगा।

सरकार का ये भी मानना है कि इस रिफॉर्म से कोयला सेक्टर की क्षमता में सुधार होने का अनुमान है और सेक्टर मोनोपोली से कॉम्पिटीशन के दौर में प्रवेश करेगा। कैबिनेट ने राष्ट्रीय शहरी आवास कोष के गठन को भी मंजूरी दे दी है । 60 हजार करोड़ रुपए का ये कोष शहरी क्षेत्र में हाउसिंग सेक्टर को मजबूती देगा ।

प्रलोभन के जरिए या फिर बिना किसी कायदे कानून के चलने वाली जमा योजनाओं पर नकेल कसने के मकसद से केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध लगाने संबंधी विधेयक, 2018 को मंजूरी दे दी है। विधेयक के कानून बनने के बाद अनियमित तरीके से जमा जुटाने वालों को सख्त सजा मिल सकेगी तो भारी जुर्माना भी उनको देना होगा।। इसके साथ ही कैविनेट ने चिटफंड कानून में संशोधन के एक प्रताव को भी मंजू़री दी है।

पिछले दिनों देश के विभिन्न भागों में ऐसी घटनाएं सामने आई जिनमें गैर-कानूनी तरीके से जमा राशि लेने की योजनाओं के जरिए लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई। इस तरह की योजनाओं के सबसे अधिक शिकार गरीब और ऐसे लोग हुए जिनको वित्तीय मामलों की जानकारी नहीं थी और ऐसी योजनाएं अनेक राज्यों में चल रही थीं। वित्त मंत्री ने भी अपने बजट भाषणों में इसके खिलाफ कानून लाने की बात की थी।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच महानदी जल विवाद के निपटारे के लिए प्राधिकरण के गठन की आज मंजूरी दे दी। प्राधिकरण महानदी के बेसिन में उपलब्ध पानी की मात्रा, बेसिन में स्थित सभी राज्यों के योगदान, उनमें पानी के मौजूदा इस्तेमाल तथा भविष्य में विकास की संभावनाओं के आधार पर राज्यों के बीच जल बँटवारे पर फैसला करेगा।

इसके अलावा कैबिनेट ने उत्तराखंड में चारधाम महामार्ग परियोजना के तहत सिल्‍कयारा बेंद बारकोट टनल को मंजूरी दे दी है । कुल मिलाकर कैबिनेट ने अपने तमाम फैसलों से देश में न केवल विकास को गति दी है बल्कि पारदर्शी व्यवस्था के निर्माण के साथ ही रोजगार को बढावा दिया है ।

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