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इनकम टैक्स से बचने के लिए गलत अड्रेस देना और अपने घर को शिफ्ट करना अब मुश्किल

इनकम टैक्स के नोटिस से बचने के लिए गलत अड्रेस देना और अपने घर को शिफ्ट करना अब मुश्किल हो गया है. इनकम टैक्स के नियमों में संशोधन किए गए हैं, जिससे आयकर विभाग अब आपकी ओर से बैंक, इंश्योरेंस कंपनियों और पोस्ट ऑफिस को दिए गए पतों पर नोटिस भेज सकेगा. इसका मतलब यह है कि यदि आपके दिए पते पर आयकर विभाग का नोटिस नहीं पहुंचता है तो अन्य जगहों पर आपकी ओर से दिए गए अड्रेस पर यह पहुंच जाएगा.

केंद्र सरकार की ओर से 20 दिसंबर, 2017 को जारी किए गए नोटिफिकेशन पर यह इनकम टैक्स के नियमों को संशोधित किया गया है. इसके तहत यह तय किया जाएगा कि आपके द्वारा दिए गए पते या अन्य अड्रेस पर आपको जारी किया नोटिस जरूर पहुंचे. नोटिफिकेशन के मुताबिक यदि टैक्सपेयर को भेजा गया कोई नोटिस नहीं पहुंचता है तो फिर नियम 127 के तहत आयकर विभाग इन जगहों पर आपकी ओर से दिए गए अड्रेस पर नोटिस भेज सकेगा.

पढ़ें, कहां से आपका अड्रेस निकाल सकता है आयकर विभाग…

आपकी ओर से बैंक में दिया गया पता

इंश्योरेंस कंपनी में दर्ज कराया गया अड्रेस

पोस्ट ऑफिस स्कीम में निवेश के लिए दिया गया पता

सरकारी रेकॉर्ड में उपलब्ध पता

स्थानीय अथॉरिटीज में आपकी ओर से दर्ज कराया गया अड्रेस

नियम 114डी के तहत फॉर्म 61 पर आपकी ओर से दर्ज पता

नियम 114ई के तहत फॉर्म 61A पर आपकी ओर से दर्ज कराया अड्रेस

पहले के नियमों के मुताबिक टैक्सपेयर्स को पोस्ट या ई-मेल के जरिए इन पतों पर नोटिस भेजा जाता था.

पैन कार्ड पर उपलब्ध अड्रेस

आईटीआर में उपलब्ध कराए गए अड्रेस

पहले के आईटीआर में दर्ज पता

आईटीआर में दी गई ईमेल आईडी

पिछली आईटीआर में लिखी गई ईमेल

इनकम टैक्स अथॉरिटी के पास मौजूद आपकी कोई भी ईमेल आईडी

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