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मेक इन इंडिया’ के जरिए 2020 तक 10 करोड़ नए रोजगार

नई दिल्ली: देश में नौकरी सृजन और कौशल बढ़ाने के लिए भारत सरकार की प्रमुख पहल, ‘मेक इन इंडिया’ के जरिए 2020 तक 10 करोड़ नए रोजगार पैदा होंगे. इस बात की जानकारी नीति आयोग के महानिदेशक-डीएमईओ और सलाहकार अनिल श्रीवास्तव ने गुरुवार को दी. श्रीवास्तव ने कहा, “हम चौथे तकनीकी क्रांति के बीच में हैं, जहां तकनीक का एकीकरण बहुत कुछ है. मेक इन इंडिया के साथ, हम 2020 तक 10 प्रमुख नई नौकरियों का सृजन करने का लक्ष्य रख रहे हैं.

पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने विभिन्न पहलों के माध्यम से, जैसे कि मेक इन इंडिया, और स्टार्ट अप इंडिया देश में निवेश के अवसरों को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. माना जा रहा है कि मेक इन इंडिया प्रोग्राम के जरिए मैन्युफैक्चरिंग पर सरकार के जोर देने से देश में अगले कुछ महीनों में बड़ी संख्या में रोजगार के मौके बनेंगे. सरकार को 2020 तक 10 करोड़ नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है.

दूसरी ओर जॉब प्लेसमेंट फर्मों ने भी अनुमान जताया है कि मैन्युफैक्चरिंग, इंजिनियरिंग और इनसे जुड़े सेक्टर्स में इनवेस्टमेंट बढ़ने से अगले एक वर्ष में 7.2 लाख अस्थायी नौकरियां बनेंगी. इन फर्मों का कहना है कि मेक इन इंडिया प्रोग्राम से इन सेक्टर्स के साथ ही ई-कॉमर्स और इंटरनेट से जुड़े सेक्टर्स में भी हायरिंग में वृद्धि हुई है. बता दें कि सरकार ने मेक इन इंडिया के तहत भारत को मैन्युफैक्चरिंग के एक ग्लोबल हब में बदलने का लक्ष्य रखा है.

एक अनुमान के मुताबिक, देश के जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी 2022 तक बढ़कर 25 पर्सेंट पर पहुंच सकती है. मेक इन इंडिया के जरिए 25 ऐसे सेक्टर्स की पहचान की गई है जिन्हें इंसेंटिव्स मिलेंगे और इन सेक्टर्स में इनवेस्टमेंट बढ़ाने के लिए पॉलिसीज में भी बदलाव किए जाएंगे. इन सेक्टर्स में कम स्किल्स की जरूरत वाले कंस्ट्रक्शन, टैक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग के साथ ही अधिक स्किल की जरूरत वाले एविएशन, डिफेंस इक्विपमेंट और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर्स भी शामिल हैं.

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