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गौतम अडानी: कॉलेज ड्रॉपआउट से दुनिया के बिगेस्ट वेल्थ गेनर बनने तक का सफर

अडानी ग्रुप (Adani Group) के चेयरमैन गौतम अडानी (Gautam Adani) ने पैसे कमाने के मामले में जेफ बेजोस (Jeff Bezos), एलन मस्क (Elon Musk) और भारत के सबसे रईस मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) को भी पीछे छोड़ दिया है। गौतम अडानी की दौलत (Gautam Adani Wealth) में 2021 में सबसे तेज बढ़ोतरी हुई है, जिससे वह दुनिया के बिगेस्ट वेल्थ गेनर बन गए हैं। सिर्फ 2021 में ही गौतम अडानी ने 16.2 अरब डॉलर कमाए हैं, जिसके बाद उनकी कुल दौलत बढ़कर 50 अरब डॉलर तक जा पहुंची है। ब्लूमबर्ग बिलियनेर इंडेक्स के अनुसार गौतम अडानी ने इस साल जो पैसे कमाए हैं, वह जेफ बेजोस, एलन मस्क और मुकेश अंबानी से भी अधिक हैं। मुकेश अंबानी ने इस साल सिर्फ 8.1 अरब डॉलर ही कमाए हैं, जो अडानी की दौलत की कमाई की तुलना में आधा है।
साल 2020 और 2021 के दौरान गौतम अडानी ने कई बंदरगाहों, एयरपोर्ट्स, डाटा सेंटर्स, सोलर पीवी मैन्युफैक्चरिंग, पावर एंड कोल जनरेशन कैपेसिटी आदि को अपनी कंपनी के एसेट्स में जोड़ा है। इन पर अडानी ग्रुप का या तो सीधा स्वामित्व है या फिर इन्हें ग्रुप की कंपनियों द्वारा मैनेज किया जाता है। मार्च की शुरुआत में अडानी एंटरप्राइजेज के मार्केट कैप ने 1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर लिया था। यह अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी पोर्ट्स के बाद अडानी ग्रुप की तीसरी कंपनी है, जो 1 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप क्लब में शामिल हुई। अडानी ग्रुप की 6 पब्लिकली ट्रेडेड कंपनियों में से 6 अब मार्केट कैप के हिसाब से भारत की 100 सबसे ज्यादा वैल्यू वाली कंपनियों में हैं।
24 जून 1962 को अहमदाबाद में जन्मे गौतम अडानी भारत के दूसरे सबसे अमीर शख्स हैं। गौतम अडानी का कारोबारी सफर तब शुरू हुआ, जब वह गुजरात यूनिवर्सिटी से बीकॉम पूरा किए बिना मुंबई आ गए। उन्होंने महिन्द्रा ब्रदर्स में डायमंड सॉर्टर के तौर पर शुरुआत की और कुछ ही सालों के अंदर मुंबई के झवेरी बाजार में खुद की डायमंड ब्रोकरेज फर्म शुरू कर दी। इसके बाद मुंबई में कुछ साल बिताने के बाद वह अपने भाई की प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करने के लिए वापस अहमदाबाद आ गए। यहां गौतम ने पीवीसी यानी पॉलिविनाइल क्लोराइड का इंपोर्ट शुरू करने का फैसला किया और ग्लोबल ट्रेडिंग में एंट्री की। प्लास्टिक बनाने में पीवीसी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है।
पीवीसी इंपोर्ट में ग्रोथ होती रही और 1988 में अडानी ग्रुप पावर व एग्री कमोडिटी में रुचि के साथ आधिकारिक तौर पर स्थापित हो गया। 1991 में हुए आर्थिक सुधारों की बदौलत अडानी का बिजनेस जल्द ही डायवर्सिफाई हुआ और वह एक मल्टीनेशनल बिजनेसमैन बन गए। 1995 गौतम अडानी के लिए बेहद सफल साबित हुआ, जब उनकी कंपनी को मुंदड़ा पोर्ट के संचालन का कॉन्ट्रैक्ट मिला
गौतम अडानी ने अपने कारोबार में डायवर्सिफिकेशन को जारी रखा और 1996 में अडानी पावर लिमिटेड अस्तित्व में आई। 10 साल बाद कंपनी पावर जनरेशन बिजनेस में भी उतरी। इस वक्त अडानी पावर देश में थर्मल पावर पैदा करने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। अडानी ग्रुप आज पावर, रिन्युएबल्स, गैस डिस्ट्रीब्यूशन, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट आदि कई वर्टिकल में कारोबार कर रहा है। गौतम अडानी 2008 में मुंबई में ताजमहल पैलेस होटल पर हुए आतंकवादी हमले के सर्वाइवर्स में भी शामिल हैं। इसके अलावा ऐसी भी रिपोर्ट हैं कि अडानी 1998 में एक बार किडनैप भी हो चुके हैं।

 

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